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योग के लाभ: एक संक्षिप्त विश्लेषण Benefits of Yoga: A brief Analysis


दोस्तों, योग से लाभ होता है।ये बात आज सब मानते हैं।किस तरह के लाभ होते हैं, आप सुनते भी होंगे।
जैसे?
योग प्राणऊर्जा को बढ़ाता है।वात, पित्त, कफ त्रिदोषों को संतुलित करता है।सुषुम्ना के चक्रों को balance करता है।नाड़ियों के अवरोध दूर करके उनकी कार्यशक्ति बढ़ाता है।.....आदि।
अब एक प्रश्न का उत्तर दीजिये- क्या आपको ऊपर लिखे लाभ समझ में आ रहे हैं?
अगर आपको त्रिदोष, सुषुम्ना, नाड़ी चक्र आदि बातें समझ में नहीं आतीं तो ये बिल्कुल स्वाभाविक है।
क्यों?
क्योंकि ये योग के ग्रंथों में लिखी classical terms हैं।एक आम आदमी के लिए ये जटिल शब्द हैं क्योंकि उसने योग की किताब नहीं पढ़ी।योग के बारे में बताने के लिए अक्सर लोग इन जटिल शब्दों का use करते हैं और आम आदमी को लगता है- " ये तो मुश्किल चीज़ है"। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है।
आइये, आज हम एक आम आदमी के लिए योग के लाभों को बिल्कुल सरल भाषा में समझें। समझते हैं कि योग करने से हमारे शरीर को क्या क्या लाभ मिलते हैं।
आइये शुरू करते हैं।
योग का सबसे पहला फायदा क्या है? आपको पीठ सीधी करके बैठने की आदत पड़ेगी।योग की क्लास में ये चीज़ शुरू में ही आपको सीखनी पड़ेगी क्योंकि इसके बिना आप continue कर ही नहीं सकेंगे!
पीठ सीधी करने का क्या फायदा मिलता है?
शरीर में होनेवाले अधिकांश दर्दों जैसे पीठदर्द, कमरदर्द आदि का कारण होता है- गलत posture या पीठ को टेढ़ा मेढा करके बैठना। योग करने से आपको पीठ सीधी रखने की आदत पड़ेगी और आप इन painful conditions से बचे रहेंगे।
योग का दूसरा लाभ क्या है ?
"हमारा शरीर लचीला बनता है"
दोस्तों, एक बहुत ही simple सिद्धांत है- हमारा शरीर जितना लचीला होगा,सारे joints और मांसपेशियों की हालत अच्छी होगी।
तीसरा लाभ क्या होगा?
शरीर में अंतः स्त्रावी ग्रंथियों endocrinal का balance बनता है।
"अंतः स्त्रावी ग्रंथियों endocrinal glands का क्या काम है?"
"ये glandas हार्मोन बनाती हैं ।harmone क्या करते हैं? हमारे शरीर में होनेवाले तमाम परिवर्तनों को नियंत्रित करते हैं। डॉक्टर लोग जिस केमिकल लोचे की बात करते हैं, समझ लीजिए यही है। योग के द्वारा ये glands शक्तिशाली बनेंगी और thyroid, डायबिटीज, आदि ढेर सारी बीमारियों से बचाव होगा।
यहां एक और चीज़ जानने वाली है। इन ग्रंथियों के द्वारा होनेवाले रोगों को detect करना शुरू में बड़ा मुश्किल होता है।इनका इलाज भी खर्चीला और लंबे समय का होता है।अतः सबसे बेहतर है कि किसी योग विशेषज्ञ से योग सीखें।शरीर के आंतरिक सिस्टम को मजबूत करें और रोगों से बचे रहें।
योग का चौथा लाभ?
आपके जीवन में एक healthy लाइफस्टाइल विकसित होगा।
कैसे?
योग सीखना जैसे ही शुरू करेंगे, आपको कुछ नियमों को follow करना ही होगा।
"कौन से नियम"?
"सुबह जल्दी उठना होगा। cold drinks, जंक फूड,alcohol आदि को छोड़ना होगा।चाय, कॉफी कम करने होंगे। सोने जागने का टाइम सही करना होगा.....आदि इसी तरह के लाइफस्टाइल changes करने होंगे। शुरू में हो सकता है, कष्ट हो।लेकिन, आगे जाकर आपको बहुत लाभ मिलेगा, ये निश्चित है।
पांचवां लाभ क्या मिलेगा?
"आपको गहरी सांस लेने की आदत पड़ जाएगी"
दोस्तों, ये तथ्य सुनने में बहुत simple है लेकिन आपको आश्चर्य होगा कि भारत में सही ढंग से सांस लेने पर आधारित एक जटिल विज्ञान develop किया गया था जिसे स्वर योग कहा जाता है।
आइये, इस जटिल चीज़ को बिल्कुल सरलता से समझें। लेकिन आपसे अनुरोध है कि अभी आप एक मिनट तक रुकें और पूरी एकाग्रता से अपनी सांस को आते जाते हुए महसूस करें।
"…….."
"क्या महसूस हुआ"
"सौ में नब्बे लोग छोटी छोटी सांसें लेते हैं। वास्तव में वो गहरी सांसें ले भी नहीं सकते। क्यों?उनकी सांसों का क्रम balanced नहीं होता"
" क्यों"?
"देखिए,हमारी नाक में दो छेद होते हैं।बारी- बारी से ये दोनों active होते हैं। आप practical करके अभी देखें।दोनों नासिका छिद्रों nostrils के सामने अपनी उंगली ले जाइए।जिसमें आपको वायु का प्रभाव ज्यादा महसूस हो, समझिए, वो एक्टिव है"
"तो इसमें योग का क्या प्रभाव पड़ेगा"?
" योग से आपका पूरा श्वसन तंत्र active होता है।दोनों नासिकछिद्र एक साथ active होते हैं और हमारे फेफड़े अपनी full capacity से सांस भरते हैं। गहरी सांस आपके मन मष्तिष्क को शांत relax करती है।पूरे शरीर में ऊर्जा महसूस होती है। stress छूमंतर हो जाता है।"
दोस्तों, अब एक रोचक बात। खुलकर, ठहाके लगाकर हँसने से भी आपको गहरी सांसें लेने में मदद मिलती है। अगर आपके लिए योग करना मुश्किल हो तो आप इस सरल तरीके से लाभ ले सकते हैं।

मित्रों, आज हमने योग से होनेवाले कुछ फायदों की बात की और संक्षिप्त विश्लेषण किया।
अगले लेख में हम बात करेंगे श्रीकृष्ण की।
भगवान श्रीकृष्ण?
जी नहीं, हम योगिराज श्रीकृष्ण की बात करेंगे। हम देखेंगे कि कैसे गांव में गाय चराने वाले, मुरली बजाने वाले,नटखट नागर कृष्ण आगे जाकर भारत के सबसे लोकप्रिय व्यक्ति, सबसे बड़े योद्धा और सबसे कुशल रणनीतिज्ञ बने। हम देखेंगे कि उनमें ये सारे परिवर्तन योग की वजह से कैसे हुए।
अंत में, आपकी अपनी वेबसाइट ashtyaam. com की ओर से रंगों के पावन पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं।



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